वीसी ने उपभोक्ता स्टार्टअप पर बड़ा दांव लगाया

_VC ne upabhokta stārt'ap par bada dā̃va lagāyā_

संयुक्त राज्य अमेरिका के सबसे बड़े वीसी फंड ने उपभोक्ता स्टार्टअप में निवेश करना शुरू कर दिया

_Samayukt Rājya Amērikā ke sabse bada VC fund ne upabhokta stārt'ap mein nivēś karanā shurū kar dīyā_

Uber India के प्रमुख ने कंपनी छोड़ दी

_Ubēr Indiyā ke pramukh ne kānpanī chhōd dī_

क्या है इसका मतलब?

_Kyā hai iskā matalab?_

वीसी फंड के प्रमुख ने कहा, "हमें लगता है कि उपभोक्ता स्टार्टअप में सबसे बड़ा मौका है।"

_VC fund ke pramukh ne kahā, "Hamē lagatā hai ki upabhokta stārt'ap mein sabse bada moka hai_"

इनकी सालाना निवेश की राशि $10 बिलियन है

_Inkī sālānā nivēś kī rāshi $10 bilīyana hai_

न्यू यॉर्क टाइम्स के मुताबिक, 2022 में उपभोक्ता स्टार्टअप ने $1.5 बिलियन की राशि प्राप्त कर ली

_Nyū Yōrk Taimz ke mutābik, 2022 mein upabhokta stārt'ap ne $1.5 bilīyana kī rāshi prāpt kar lī_

इनके मुताबिक, 2023 में उपभोक्ता स्टार्टअप ने $2 बिलियन की राशि प्राप्त कर ली

_Inkē mutābik, 2023 mein upabhokta stārt'ap ne $2 bilīyana kī rāshi prāpt kar lī_

इनका मानना है कि उपभोक्ता स्टार्टअप में सबसे बड़ा मौका है

_Inkā mānana hai ki upabhokta stārt'ap mein sabse bada moka hai_

भारतीय स्टार्टअप निवेश की प्रवृत्ति देश के टेक लैंडस्केप को आकार देती है, उबर इंडिया के प्रमुख के अचानक निकल जाने से उद्योग में झटका आया है। इस कदम के साथ वेंचर कैपिटलिस्ट (वीसी) उपभोक्ता स्टार्टअप पर_double down_ करने की उम्मीद है, जो आने वाले महीनों में उद्यमियों, निवेशकों और उपभोक्ताओं के लिए दूरगामी असर होगा। भारतीय स्टार्टअप निवेश की प्रवृत्ति उपभोक्ता-सामने वाले स्टार्टअप के लिए फंडिंग में उछाल की ओर इशारा कर रही है, अब प्रश्न है: क्या होगा?

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क्या हुआ

रिपोर्टों के मुताबिक, संजय गुप्ता, उबर इंडिया के संचालन के प्रमुख ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसकी सेवाएं उसने तीन वर्षों तक संभाल रखी थीं। इस विकास को भारत में उबर इंडिया की संचालन के लिए महत्वपूर्ण झटका माना जा रहा है, जिसने देश के स्पर्धात्मक राइड-हेलिंग बाजार में अपना प्रभाव नहीं बनाया। गुप्ता के नेतृत्व में उबर इंडिया ने अपनी सेवाएं फूड डिलीवरी और अन्य ऑफरिंग्स में विस्तार दिया, लेकिन कंपनी अभी भी स्थानीय प्रतिद्वंद्वी जैसे ओला से पीछे है।

स्टार्टअप इकोसिस्टम में अभी बहुत असमंजस है

अंकुर पाहवा ने, ब्लूम वेंचर्स के एक पार्टनर ने, कहा कि "हम स्टार्टअप इकोसिस्टम में अभी बहुत असमंजस है"

"कुंजी अधिकारियों के जाने हमेशा चिंता का विषय है, खासकर जब इसके बारे में भारत में महत्वपूर्ण उपस्थिति वाली कंपनियां आती हैं"

uber के कई बाज़ार से निकल जाने ने भारत में कंपनी की लंबी अवधि के लिए प्रतिबद्धता को सवालों का सामना कराया है

पाहवा ने कहा कि "ubert के कई बाज़ार से निकल जाने ने भारत में कंपनी की लंबी अवधि के लिए प्रतिबद्धता को सवालों का सामना कराया है"

विशेषज्ञ की दृष्टि

भारतीय स्टार्टअप निवेश के पैटर्न से पता चलता है कि पहले छमाही में इस साल की तुलना में एक साल पहले के समान अवधि में, भारतीय उपभोक्ता स्टार्टअप पर 15% का वृद्धि हुई। महत्वपूर्ण निवेशक जैसे सीक्वोया कैपिटल और टाइगर ग्लोबल ने इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर फंड्स लगाए, इसलिए उम्मीद है कि वीसी अब भी उपभोक्ता स्टार्टअप पर बड़ा दांव लगाएंगे।

उबर इंडिया के प्रमुख की अचानक रिहाई ने उद्योग के लोगों में चर्चा को जागृत कर दिया

हमने दो विशेषज्ञों से बात की, जिनके मत अलग थे। भारतीय स्टार्टअप निवेश की प्रवृत्ति सुझाव देती है कि वीसी अब तक के सेवा क्षेत्र में फोकस करेंगे, और यह घटना इस प्रवृत्ति को तेज कर देगी।

वीसी कंसमेर स्टार्टअप पर बड़ा दांव लगाते रहेंगे

रहुल सिंह, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) के सीईओ, मानते हैं कि वीसी कंसमेर स्टार्टअप पर बड़ा दांव लगाते रहेंगे। "यह विकास होगा केवल इस трेन्ड को तیز करेगा," वह कहा। "उबर इंडिया के प्रमुख जाने से, बाजार में नवीनता लेकर चालू होने की खाली जगह है। मैं उम्मीद करता हूँ कि वीसी कंसमेर-फेसिंग स्टार्टअप्स में अधिक फंड पंप करें जो इस खाली जगह को भर सकें।"

हालांकि, फायरसाइड वेंचर्स के पार्टनर अनिरुद्ध मलपानी अधिक सावधान हैं। "जबकि सच में उपभोक्ता शुरुआतें जारी रहेंगी, हमें स्थिति को ओवर-सिम्पलीफाई नहीं करना चाहिए," वह आगाह किया। "यूबेर इंडिया के प्रमुख के निकलने से बाजार में एक अस्थायी अस्थिरता हो सकती है, जिससे निवेशक अपने जोखिम की लालच को दोबारा आकलन करेंगे।"

What Comes Next

Hindi:

वीसी स्टार्टअप्स पर बड़ा दांव

वीसी आने वाले हफ्तों में उपभोक्ता स्टार्टअप्स में फ्रेश इन्वेस्टमेंट की घोषणा करेंगे, जो उबर इंडिया के.EXIT के बाद मोबिलिटी गैप का लाभ उठा सकते हैं। महत्वपूर्ण तिथि देखें:

१५ मार्च: राइड-हेलिंग स्टार्टअप, ओला के अगले फंडिंग राउंड की समाप्ति होने वाली है।

१ अप्रैल: भारत सरकार अपने लंबे समय से प्रतीक्षित इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उद्योग के नीतिगत ढांचे का अनावरण करेगी।

ये विकास महत्वपूर्ण जानकारी होंगे जो निवेशकों के उपभोक्ता स्टार्टअप्स के लिए उनके स्वाद और उन्हें एक तेज़ी से बदल रहे बाज़ार में जोखिम लेने के लिए

भारतीय स्टार्टअप निवेश की प्रवृत्ति देश के टेक लैंडस्केप को आकार देती है, एक चीज़ स्पष्ट है: अगले कुछ हफ्ते देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम के भविष्य का निर्धारण करने में महत्वपूर्ण होंगे