क्या हुआ
भारत की बाहरी विज्ञापन डिजिटल परिवर्तन के साथ उद्योग को बदल रहा है, और एनआईटी रourkeela के छात्र होर्डस्पेस के साथ लीडिंग कर रहे हैं, जिसका लक्ष्य भारत की बाहरी विज्ञापन क्षेत्र को डिजिटल परिवर्तन करना है। 2022 में स्थापित होर्डस्पेस एक एनआईटी रourkeela छात्रों और उद्योग विशेषज्ञों के सहयोग का नतीजा है।
नित रourkeला के छात्रों ने सड़कें बदलने में किया अग्रणीय
हार्डस्पेस की स्थापना 15 विभिन्न विषयों के छात्रों द्वारा नित रourkeला में हुई, जो छह महीने तक लगातार काम करते रहे थे इसके लिए प्लेटफॉर्म विकसित करने के लिए। रोहन शर्मा के अनुसार, प्रोजेक्ट लीड, "हमारा मुख्य उद्देश्य था कि विज्ञापनदाताओं के लिए एक सMOOTH एक्सपीरियंस प्रदान करना, जिससे वे अपने बाहरी अभियानों को प्रभावी ढंग से प्लान और निष्पादन कर सकें।" हार्डस्पेस टीम का दावा है कि उनका प्लेटफॉर्म कैंपेन प्लानिंग और निष्पादन में औसत समय को 70% तक कम कर सकता है। इसे प्राप्त करने के लिए, उन्होंने एआई-वर्धित टूल्स को एकीकृत किया है, जिससे स्टॉक मैनेजमेंट, एड प्लेसमेंट और रियल-टाइम एनालिटिक्स को स्ट्रीमलाइन कर सकें। अब तक, हार्डस्पेस ने भारत में 50 से अधिक प्रमुख बाहरी विज्ञापन कंपनियों को सफलतापूर्वक ऑनबोर्ड किया है, जिसके लिए ग्लोबल एक्सपैंशन की योजना बनाई गई है।
क्या है इसकी महत्ता
भारत के बाहरी विज्ञापन की डिजिटल प्रतिक्रिया निकट है, और एनआईटी रourkeala के छात्र होर्डस्पेस नामक प्लेटफॉर्म से लीड कर रहे हैं, जिसका लक्ष्य भारत के बाहरी विज्ञापन क्षेत्र को डिजिटल रूप देना है। 2022 में स्थापित, होर्डस्पेस एक निर्देशात्मक प्रयास का परिणाम है, जिसमें एनआईटी रourkeala के छात्र और उद्योग विशेषज्ञ शामिल हैं।
भारत की सड़कों पर एक नवीनीकरण: एनआईटी रourkeleah के छात्र नेतृत्व में
भारत का बाहरी विज्ञापन उद्योग एक अरब-करोड़ डॉलर का рынок है, जिसमें अधिकांश आय tradition प्रिंट और स्थैतिक प्रदर्शनों से आती है। लेकिन डिजिटल टेक्नोलॉजी के आगमन ने इस क्षेत्र में एक अप्रतिहीन अवसर पैदा कर दिया है। HoardSpace की नवीन approaches के माध्यम से यह क्षेत्र बदलने का Potential है, जिससे इसकी दक्षता, पारदर्शिता और डेटा-संचालित बन जाएगी। डॉ. सुरेश सुब्रमण्यम, विज्ञापन और बाज़ार में एक नेतृत्व विशेषज्ञ के अनुसार, "HoardSpace ने बाहरी विज्ञापन को लोकतांत्रिक बनाने का Potential है, जिससे छोटे व्यवसाय और उद्यमियों को बड़े खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम होगा।" इस परिवर्तन से न केवल विज्ञापनदाताओं को लाभ होगा, बल्कि 普通 लोग भी इसका लाभ उठा सकते हैं, क्योंकि उन्हें अधिक लक्षित और प्रासंगिक विज्ञापनों काクセ होगा, जिससे उनके सामान्य अनुभव में सुधार होगा।
विशेषज्ञ की दृष्टि
भारत के सड़कों को बदलने में निति रूरकेला के छात्र अग्रणी हैं।
भारत की सड़कों में क्रांति: एनआईटी रourkeela के छात्र अग्रसर हैं
भारतीय आउटडोर एडवर्टाइजिंग डिजिटल ट्रान्सफॉर्मेशन का गति प्राप्त है, विशेषज्ञ इसके संभावित प्रभाव पर मतभेद करते हैं। डॉ. रोहन जैन, एडिट्या बिर्ला ग्रुप के मार्केटिंग निदेशक, होاردस्पेस की क्षमता के बारे में आश्वस्त हैं, "प्लेटफॉर्म के पास संभावना है कि विज्ञापन प्रक्रियाओं को सुचारू करे, लागत कम करे, और उपभोक्ता सग्रह बढ़ाए," वह कहते हैं। "यह ब्रांड्स के लिए एक गेम-चेंजर है, जो अपने लक्षित दर्शकों से जुड़ने के लिए प्रभावी तरीके से जुड़ते हैं." दूसरी ओर, डेलhi विश्वविद्यालय की शलिनी श्रीनिवासन प्रोफेसर कुछ अधिक सावधान हैं, "होاردस्पेस में कुछ स्थानों में आउटडोर एडवर्टाइजिंग में सुधार होगा, लेकिन यह डेटा गुप्तता और जानकारी के प्रयोग के बारे में चिंताएं भी उठाता है," वह चेतावनी देती हैं। "हमें उपभोक्ता डेटा की रक्षा करनी चाहिए और इसका नैतिक उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए."
क्या आगे होगा
होर्डस्पेस ने ट्रैक्शन जारी रखा तो उद्योग के प्रवृत्ति से भविष्य में डिजिटल एड स्पेंड में उछाल आने की भविष्यवाणी है। 2023 के दूसरे छमाही तक, हम_major ब्रांड्स को होर्डस्पेस के प्लेटफॉर्म पर निश्चित बाहरी कैम्पेन लॉन्च करते हुए देख पाएंगे। महत्वपूर्ण मीलपॉइंट्स में शामिल हैं:
जनवरी 2023: होर्डस्पेस अपने समग्र एनालिटिक्स टूल का अनावरण करेगा, जिससे विज्ञापनदाताओं को कैम्पेन प्रदर्शन ट्रैक करने और डेटा-संचालित निर्णय लेने में सक्षम होंगे।
मार्च २०२३: कंपनी अपने साझेदार एजेंसियों के नेटवर्क का विस्तार करने का योजना बना रही है, जिससे उसका बाज़ार में स्थान मजबूत होगा।
भारत की सड़कों का नवीनीकरण: एनआईटी रourkeleah के छात्र अगुवाई कर रहे हैं
भारत के बाहरी विज्ञापन की डिजिटल प्रत्यरूपण हORIZन पर है, और एनआईटी रourkeleah के छात्र होर्डस्पेस नामक प्लेटफॉर्म से अगुवाई कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य भारत के बाहरी विज्ञापन क्षेत्र को डिजिटल रूप देना है। जब भारत के बाहरी विज्ञापन की डिजिटल प्रत्यरूपण सेंटर स्टेज पर आती है, तो यह स्पष्ट है कि यह बस एक तकनीकी अपग्रेड नहीं है – यह संस्कृतिक बदलाव है।
भारत के सड़कों पर एक νέा युग
भारत की बाहरी विज्ञापन डिजिटल परिवर्तन का भविष्य रोशन है – और यह अभी हो रहा है, हमारे अपने सड़कों पर।
English:
The students of NIT Rourkela are spearheading a revolution on India's streets.
Hindi: