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क्या हुआ

भारत में एआई-शक्ति से सरकारी अनुबंधों का नियंत्रण होने जा रहा है, देश पब्लिक प्रोक्योरमेंट लैंडस्केप को परिवर्तित करने वाला एक कायमानात्मक यात्रा शुरू कर रहा है। भारत सरकार ने एआई का उपयोग करके अनुबंध लिखने और प्रबंध करने की योजना घोषित की, जिसका संभावित परिणाम इसके द्वारा भ्रष्टाचार का कम होना और कार्यक्षमता में वृद्धि हो सकती है।

भारत की एआई प्रगति: मशीनें लिखीं 계약ें, एक नया कदम

भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, रави शंकर प्रसाद ने, हाल के समय में एक्सेल के नए भारत-निर्देशित फंड के लॉन्च के दौरान एआई का उपयोग करने का निर्णय खोला। इस $500 मिलियन निवेश वाहन का लक्ष्य है कि भारतीय स्टार्टअप को काटन-एज टेक्नोलॉजीज जैसे एआई और मशीन लर्निंग पर काम कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत सरकार ने अब चुनिंदा मंत्रालयों में एआई-पावर्ड सัญญा प्रबंधन सिस्टम टेस्टिंग शुरू कर दी है।

भारत की एआई क्रांति: मशीनें लिखे हुए सัญญे, एक नई शुरुआत

हम भारत में डिजिटल खरीद की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव देख रहे हैं, और एआई ने इसको अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, इस बात पर सहमत है रोहन वर्मा, एआई और सार्वजनिक नीति पर अग्रसर विशेषज्ञ, केन्द्रीय नीति अनुसंधान संस्थान में.

इस क्षेत्र में संभावित लाभ बहुत बड़े हैं – मानव त्रुटि को कम करना और भ्रष्टाचार को कम करना – एआई-शक्ति सरकारी सัญญे भारत में, देश को उम्मीद है कि निर्माणकर्ताओं और विक्रेताओं के लिए तेज और सटीक भुगतान प्रसंस्करण, अंततः छोटे व्यवसायों और उद्यमियों के लिए फायदा होगा.

क्या मायने रखता है

भारत सरकार के एआई-पावर्ड सัญญों की ओर कदम लेना आम भारतीयों के लिए बहुत महत्वपूर्ण परिणाम लेकर आता है। उदाहरण के तौर पर, यह नौकरियों और विक्रेताओं के लिए तेज और अभिव्यंजनात्मक भुगतान प्रसंस्करण का संकल्प कर सकता है, जिसका अंतिम लाभ छोटे व्यवसाय और उद्यमी हो सकते हैं। इसके अलावा, एआई-पावर्ड सัญญों से बढ़ा हुआ पारदर्शिता और जवाबदेही ने धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार को कम करने में मदद कर सकती है।

हिंदी:

"भारतीय अर्थव्यवस्था के पूरे परिप्रेक्ष में इस प्रभाव का होना होगा," सुरेश पрабху, पूर्व रेल मंत्री और डिजिटल सरकार के लिए एक प्रमुख वकील ने, कहा. "सरकारी अनुबंधों में एआई का उपयोग करके, हम सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए एक समान खेल का मैदान बना सकते हैं, छोटे व्यवसाय से लेकर बड़े कॉर्पोरेशन तक." भारत ने $५ ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है, इस कदम के परिणाम सभी क्षेत्रों में महसूस किए जाएंगे।

विशेषज्ञ की दृष्टि

भारत की एआई प्रगति: मशीनें लिखे हुए समझौते, एक नई शुरुआत

भारत सरकार ने अपने एआई-शक्ति से समझौते के सफर पर निकली, विशेषज्ञों का मत भिन्न है। डॉ. रोहन वर्मा, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस और पॉलिसी में अग्रणी अर्थशास्त्री, इस कदम से आश्वस्त हैं। "एआई सिस्टम समझौते को सुगम बना सकते हैं, भ्रष्टाचार को कम कर सकते हैं और पारदर्शिता को बढ़ा सकते हैं," वह कहते हैं। "यहเทคโนโลยी सरकारी एजेंसियों के लिए नहीं बल्कि छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स के लिए भी फायदेमंद होगी, जिनके लिए слож समझौता प्रक्रियाओं को नेविगेट करना मुश्किल है."

एआई-शक्ति से सरकारी समझौते भारत में अधिक कारगर समझौता प्रबंधन को सक्षम करेंगे, जिससे समय रहते समझौते का नियंत्रण और ट्रैकिंग करना संभव होगा।

भारत की AI क्रांति: मशीनें लिखीं अनुबंध, एक नई चुनौती

हालाँकि, डॉ. शुभ्रा चंद्रा, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ हैं, जो अधिक सावधान हैं। "जबकि AI के लिए कार्यक्षमता सुनिश्चित है, हमें इन अनुबंधों को强 सुरक्षा उपायों से डिज़ाइन करना चाहिए," वह चेतावनी देती हैं। "सरकार भी प्रौद्योगिकी से निकलने वाले अनubंधों में潜在ीय असमानताएं और ग्लिच को संबोधन के लिए तैयार होना चाहिए, जिसके परिणामस्वरूप सार्वजनिक procurement के लिए दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं।" AI-empowered सरकार अनुबंध भारत में, देश को साइबर सुरक्षा और डेटा सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि अनुबंध प्रक्रिया की अख्यात्ता सुनिश्चित हो।

क्या आगे होगा

भारत सरकार अपने एआई-पावर्ड कॉन्ट्रैक्ट इニशिएटिव के साथ आगे बढ़ रही है, जिसके परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण मीलपॉइन्स दिखाई देंगे। 2023 के दूसरे छमाही के अंत तक सरकार एक सम्पूर्ण फ्रेमवर्क जारी करेगी, जिसमें एआई-जनरेटेड कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए निर्देश और प्रक्रियाएं शामिल होंगी। इसके बाद चुनिंदा राज्यों में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा, जिसका उद्देश्य एआई-पावर्ड प्रोक्योरमेंट की संभाव्यता और प्रभाविता का परीक्षण करना है।

भारत की एआई क्रांति: मशीनों द्वारा लिखे गए सัญญे, एक नई शुरुआत

mid-2024 तक, भारत सरकार पूरे देश में इस технологी को लागू करने का योजना बना रही है, जिसमें एआई-प्रेरित सัญญाएं नया नियम बनने जा रही हैं। इसके साथ ही, उद्योग विशेषज्ञों का अनुमान है कि ठेकेदार और आपूर्तिकर्ताओं में प्रतिस्पर्धा में वृद्धि होगी, साथ ही pubic procurement प्रक्रियाओं में स्पष्टता और जिम्मेदारी में सुधार होगा।

भारत की एआई-पावर्ड सरकारी सัญญाओं का प्रवेश देश के डिजिटल परिवर्तन यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।

यह बोल्ड कदम न केवल लोक सेक्टर के लिए बल्कि निजी उद्योग और नागरिकों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हस्तक्षेप है।

भारत एआई-जनरेटेड सัญญाओं पर राष्ट्रीय पैमाने पर एकमात्र देश बनता है, जिससे अन्य देशों के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत होता है।

एआई-पावर्ड सरकारी सัญญाओं से भारत, देश अपनी खरीददारी भूमि को बदलने में सक्षम है, जिससे अधिक कार्यक्षमता, पारदर्शिता और जवाबदेही का मार्ग प्रस्तुत होता है।

भारत की आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस रेवोल्यूशन: मशीनों द्वारा लिखे गए सัญญे, एक नई

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