क्या हुआ
भारतीय स्टार्टअप फ़ैशन इनवेस्टमेंट्स ने नई ऊंचाई पर पहुँच गईं क्योंकि वेंचर कैपिटलिस्ट्स ने शूज, बैग्स और कपड़े बनाने वाली कंपनियों में बड़ा निवेश किया है. भारतीय वीसी अब मिलियन डॉलर्स को इन स्टार्टअप्स में निवेश कर रहे हैं, ग्लोबल ग्रोथ अवसरों की ओर देख रहे हैं.
भारतीय वीसी कंपनियां फैशन, शूज़ और बैग स्टार्टअप्स पर बड़ा दांव लगाती हैं, नज़र रखने का इशारा
एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, मोनीकॉन्ट्रोल.कॉम की, भारतीय शीर्ष वीसी कंपनियों जैसे सीक्वोया कैपिटल इंडिया, एस्सेल पार्टनर्स और कलारी कैपिटल ने पिछले वर्ष में कई फैशन स्टार्टअप्स में निवेश किया. एक उल्लेखनीय उदाहरण है, मुंबई-आधारित स्टार्टअप, शू पास्शन, जिसने सीक्वोया कैपिटल इंडिया से $1.5 मिलियन की फंडिंग प्राप्त की और अपने ऑनलाइन शूज़ रिटेल बिजनेस का विस्तार किया. दूसरा उदाहरण है, बेंगलुरू-आधारित ब्रांड, कैर्याह, जिसने एस्सेल पार्टनर्स से $2.1 मिलियन की फंडिंग प्राप्त की और अपने कपड़े और एक्सेसरीज़ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का स्केल업 किया.
क्या मायने रखता है
भारतीय स्टार्टअप फ़ैशन निवेश जारी रह रह हैं, हम एक महत्वपूर्ण बदलाव देख रहे हैं कि ये स्टार्टअप विश्व स्तर पर जाते हैं। बाज़ार बहुत बड़ा है, और सही निवेश से इन स्टार्टअप्स ने ट्रेडिशनल फ़ैशन इंडस्ट्री को अस्थिर कर सकते हैं।
विशेषज्ञ की दृष्टि
भारतीय वीसी फैशन स्टार्टअप्स में निवेश जारी रखने के साथ, हम ग्लोबल रुप से सस्ते और ट्रेंडी कपड़े के विकल्पों को देख सकते हैं. उपभोक्ताओं के लिए यह मतलब है कि अधिक उत्पादों और स्टाइल्स का चयन उपलब्ध होगा, जिसके परिणामस्वरूप बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा हो सकती है. भारतीय फैशन स्टार्टअप इकोसिस्टम कुछ बड़े होने वाला है, जिसमें ग्लोबल ब्रांड्स की रचना होगी, जिनका सामना ज़रा और एचएम जैसे ब्रांड्स से हो सकता है.
भारतीय स्टार्टअप फैशन निवेश लगातार उछाल पर हैं, विशेषज्ञ इस क्षेत्र के पotentियल पर बंटे हुए हैं। कSTART की एक पार्टनर रोहन परांजपे, निवेश फर्म का है, सेक्टर के विकास संभावनाओं को लेकर आशावादी है। "भारतीय फैशन ई-कॉमर्स ने शानदार वृद्धि देखी, और मैं इस रुझान को केवल तेज़ होना उम्मीद करता हूँ, क्योंकि उपभोक्ता ऑनलाइन खरीदारी की प्राथमिकता बढ़ा रहे हैं," वह कहा। "भारतीय स्टार्टअप्स ने स्थानिक उपभोक्ता प्राथमिकताओं और बदलते रुझानों को समायोजित करने में लाभ है जब की बात आती है."
हालांकि पारंजपे की उत्साहित हैं, सभी लोग उसकी उत्साहित नहीं हैं। यूरोमोनिटर इंटरनेशनल में फैशन उद्योग की विश्लेषक प्रिया कपाड़िया अधिक सावधान हैं। "भारतीय स्टार्टअप फैशन निवेश निश्चित रूप से रोमांचक हैं, लेकिन निवेशकों को सेक्टर की स्थायित्व के बारे में सतर्क रहना चाहिए," उसने आग्रह किया। "फैशन एक प्राकृतिक रूप से季節ीय और प्रतिस्पर्धी उद्योग है, और इसके लिए स्टार्टअप को मजबूत व्यवसाय मॉडल निर्माण पर焦स करना चाहिए बजाय प्रारंभिक फंडिंग पर निर्भर रहने के."
भारतीय वीसी फैशन स्टार्टअप्स में धन निवेश जारी रख रहे हैं, कई महत्वपूर्ण तिथियां देखने की आवश्यकता है। अगले चौथाई का समय कई इन कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण होगा जब वे अपने संचालन को पैमाने में और उत्पाद श्रृंखला में विस्तार देना चाहते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इस क्षेत्र में अधिक संयोजन और अधिग्रहण होंगे, बड़े खिलाड़ी अपने बाज़ार हिस्सेदारी कोConsolidate करने की तलाश में होंगे।
फैशन के क्षेत्र में निवेशकों की रुचि
फैशन वीक इवेंट्स के आगामी सीज़न में निवेशकों को लेटस्ट ट्रेंड्स और डिज़ाइन्स के बारे में अपेक्षित होगा। अगले čtvrtक्वार्टर में कई महत्वपूर्ण फैशन ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म पब्लिक हो जाएंगे या बड़े फंडिंग राउंड की घोषणा करेंगे, जिससे क्षेत्र के वृद्धि के संभावितों का स्पष्ट चित्र मिलेगा।
भारतीय स्टार्टअप फैशन निवेश की नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुका है
भारतीय स्टार्टअप फैशन निवेश के बारे में स्पष्ट है कि यह उद्योग चल रहा है।
ग्लोबल फैशन ई-कॉमर्स की भविष्यवाणी है कि 2025 तक अब से annually 10% से अधिक बढ़ेगा
यह अवसर असंभव नहीं है
भारतीय वीस और स्टार्टअप दोनों के लिए यह एक मौका है जो एक अरब डॉलर की ग्लोबल मार्केट में अपना दावा कर सके।
भारतीय स्टार्टअप फैशन निवेश ने नई ऊंचाई पर पहुंचा है, क्योंकि वेंचर कैपिटलिस्ट्स ने शूज़, बैग्ज़ और कपड़ों की डिज़ाइन और निर्माण करने वाली कंपनियों में बड़ा दांव लगाया है। नवीनतम डेटा सुझाव देता है कि भारतीय वीसी अब इन स्टार्टअप्स में लाखों डॉलर निवेश कर रहे हैं, ग्लोबल ग्रोथ अवसरों की ओर देख रहे हैं।
भारतीय वीसी फैशन, शूज़ और बैग स्टार्टअप्स पर बड़ा दांव लगाते हैं, आंखें नज़र रखते हैं
भारत में फैशन, शूज़ और बैग स्टार्टअप्स को लेकर भारतीय वीसी (Venture Capitalists) बड़ा दांव लगा रहे हैं। इनमें से एक है प्रज्ञा वेंचर्स (Pragnya Ventures), जिसके निदेशक श्रीमती रेखा मेनन (Mrs. Reka Menon) ने कहा, "हमारा लक्ष्य भारतीय फैशन सेक्टर को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर लाना है, जहां हमारे स्टार्टअप्स अपनी पहचान बना सकते हैं।"
भारत में फैशन, शूज़ और बैग स्टार्टअप्स की बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने वीसी को इन सेक्टर्स पर निवेश करने के लिए प्रेरित किया। एक्सेलरेट (Accelerate) फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री रोहन माल्या (Mr. Rohan Malaya) ने कहा, "भारतीय स्टार्टअप्स को फैशन, शूज़ और बैग सेक्टर्स में अपना स्थान बनाने के लिए बड़ा दांव लगाना होगा।"
इनमें से एक है 5लाख (Five Lakh), जिसके संस्थापक श्री सिद्धार्थ नायडू (Mr. Siddharth Nayudu) ने कहा, "हमारा लक्ष्य भारतीय फैशन सेक्टर को मॉडर्न और सस्ता बनाना है, जहां हमारे स्टार्टअप्स अपनी पहचान बना सकते हैं।"