इंडियन फार्मा इनोवेशन ने ग्लोबल मार्केट शेयर ग्रोथ हासिल की है, देश का उभर रहा बायोटेक सेक्टर हेल्थकेयर की नई कहानी लिख रहा है। सरकार के हाल के रेगुलेटरी रिफॉर्म्स ने अप्रूवल्स को सुविधाजनक बनाया और लागत कम कर दी, इससे इंडिया ग्लोबल फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री में एक बड़ा खिलाड़ी बनने के लिए तैयार है।
क्या हुआ
भारतीय फार्मा इनोवेशन ने विश्व बाज़ार में साझा वृद्धि हासिल की
कatalyst इस परिवर्तन के लिए था 2017 में भारतीय चिकित्सा उपकरण नियम (आईएमडीआर) का प्रावस्थान, जिसके कारण स्वीकृति समय कई महीनों से सिर्फ 30 दिनों में कम हो गए थे। इस प्रकार की समाप्ति में सड़क ने नए चिकित्सा उपकरणों के लिए आवेदन और स्वीकृति में एक वृद्धि लाई, जिसमें अब तक ३,००० उत्पाद स्वीकृत हुए हैं। आईआईटी दिल्ली के बायोटेक्नोलॉजी केंद्र के निदेशक डॉ. राकेश मिश्रा के अनुसार, "आईएमडीआर ने एक गेम-चेंजर साबित हुआ, जिससे नवीनकारी कंपनियों को अपने उत्पाद बाज़ार में तेज़ी और कुशलता से लाने में सक्षम बनाया।"
प्रमुख रूप से, कई घरेलू शुरुआती कंपनियां अब तक महत्वपूर्ण निवेश सुरक्षित कर चुकी हैं, जिसके कारण 2022 में ही फंडिंग एक अरब डॉलर से अधिक हो गई थी।
क्या इसके लिए महत्व है
Indian Pharma Innovation Seizes Global Market Share Growth
भारत के फार्मा इनोवेशन सेक्टर में वृद्धि हो रही है, जिसके लाभ बहुतกวा हैं। रोगियों को एडवांस्ड ट्रीटमेंट्स और डिवाइसेज का एक्सेस मिलेगा, जिसके लिए निर्माण लागत कम है और प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। इसके अलावा, भारतीय कंपनियाँ देश की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य आवश्यकताओं को संबोधने के लिए अच्छे स्थान पर हैं, जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले चिकित्सा उपकरणों की कमी। डॉ. सौम्या स्वामीनाथन, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव ने, कहा कि "भारत की बायोटेक इंडस्ट्री स्वास्थ्य सेवा प्रदान में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती है, खासकर अंतर्समुद्दा क्षेत्रों में।" जबकि कुछ लोग ऑटोमेशन और प्रतिस्पर्धा के कारण नौकरियों के संग्रह को चिंता कर रहे हैं, यह स्पष्ट है कि भारत के फार्मा इनोवेशन सेक्टर नई रोजगार की अवसरें और आर्थिक वृद्धि लाएगा।
विशेषज्ञ की दृष्टि
भारतीय फार्मा इनोवेशन से ग्लोबल मार्केट शेयर ग्रोथ हासिल कर रहा
भारतीय फार्मा इनोवेशन ने वैश्विक बाज़ार में हिस्सेदारी का वृद्धि किया
विशेषज्ञों को इसके संकेतों पर मतभेद है. डॉ. रमेश जैन, एक प्रसिद्ध बायोटेक एक्सपर्ट और राष्ट्रीय बायोटेक्नोलॉजी संस्थान के अनुसंधान निर्देशक, भारत के भविष्य को आशावादी हैं. "भारत के लिए एक एक्सक्लूसिव लाभ है- अपना बड़ा पूल स्किल्ड साइंटिस्ट्स, रीसर्चर्स और एंटरप्रेन्योर्स. नियामक सुधारों ने प्रक्रिया को सुचारू बनाया, जिससे वैश्विक खेलाड़ियों के लिए भारतीय कंपनियों से सहयोग करना अधिक आकर्षक हो गया," वह कहते हैं.
हालांकि, डॉ. रोहिनी कौल, एक महत्वपूर्ण बायोटेक एनालिटिकल और कई पुस्तकों के लेखक जो उद्योग पर हैं, अधिक सावधान हैं। "भारत ने फार्मा इनोवेशन में उल्लेखनीय अग्रसरी की, लेकिन हम इंटेलектуwl प्रॉपर्टी चिंताओं और पेटेंट प्रोटेक्शन मुद्दों को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते। संशोधनों ने प्रक्रिया को तेज कर दी, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे इन इनोवेटिव प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता और सुरक्षा को नहींificio," वह चेतावनी देती हैं।
भारतीय बायोटेक सेक्टर का विकास जारी है
भारत में आने वाले इस तिमाही के अंत तक, नई नियामक ढांचे के तहत पहली पैकेज ऑफ अप्रूव्ड जनरिक ड्रग्स की घोषणा होने की उम्मीद है
इससे आगामी महीनों में और विदेशी निवेश और साझेदारियां का रास्ता खुल जाएगा
भारत के फार्मा इनोवेशन सेक्टर ने ग्लोबल मार्केट शेयर ग्रोथ हासिल कर ली
印िया के बायोटेक कंपनियों से आने वाले छह महीने में निवेशकों को आईपीओ (आईपीओ) की उम्मीद है, जिन्हें ग्लोबल मार्केट में प्रवेश करना चाहते हैं। महत्वपूर्ण तिथि देखें, जिसमें फरवरी में annually BioAsia सम्मेलन होगा, जहां उद्योग नेताओं को नवीनतम трен्ड और इनोवेशन पर चर्चा करेंगे।
भारतीय फार्मा इनोवेशन ने विश्व बाज़ार में साझा वृद्धि हासिल की
भारत की वैज्ञानिक जानकारी, उद्यमी स्पिरिट और नियामक सुधारों के एक अनोखे मिश्रण से, भारत ग्लोबल बायोटेक लैंडस्केप में एक बड़े खिलाड़ी बनने के लिए तैयार है। हम आगे देख रहे हैं, भारतीय फार्मा इनोवेशन ने स्वास्थ्य के भविष्य को आकार देने के लिए जारी रखेगा, वृद्धि, रोज़गार सृजन और जीवन-रक्षक चिकित्सा उपचारों को प्रेरित करेगी।