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फ्रान्स और भारत ने अगली पीढ़ी के टेक अलायंस को पावर अप कर लिया है, वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच स्टेक्स अब कभी नहीं हैं। इन दो देशों के बीच की सिंग्री हमारे जीवन, काम और संवाद को बदलने में मदद करेगी, भारत-फ्रान्स की गहरी टेक साझेदारी के सामने।

क्या हुआ

फ्रान्स और भारत ने अगली पीढ़ी के टेक आलियंस को मजबूत किया ग्लोबल में

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआइटी) दिल्ली और फ्रेंच रिसर्च ऑर्गनाइजेशन, सीईए (कोम्मिसारात के एनर्जी एटोमिक एट अल्टरनेटिव्स) के बीच एक मेमोरैंडम ऑफ 언्डर्स्टंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षरित हुआ। एमओयू का लक्ष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल) और डेटा एनालिटिक्स में एडजे टेक्नोलॉजी विकसित करना है। इस साझेदारी से 2025 के अंत तक स्पष्ट परिणाम प्राप्त होने की उम्मीद है, जिसके लिए अगले तीन वर्षों में ₹150 करोड़ (लगभग $20 मिलियन यूएसडी) निवेश किया जाएगा।

फ्रांस और भारत ने अगली पीढ़ी के टेक अलायंस का शुभारंभ किया

हमें यह साझेदारी बहुत उत्साहित करती है क्योंकि इससे हम एक-दूसरे के strengths में से लाभ उठा सकेंगे, AI और ML अनुसंधान के क्षेत्र में

यह साझेदारी सभी देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी, विशेषकर स्वास्थ्य, वित्त और शिक्षा जैसे उद्योगों के लिए, अंततः दोनों देशों के नागरिकों को लाभ पहुँचाएगी

फ्रांस और भारत ने ग्लोबल पॉवर अप टेक्नोलॉजी एलायंस को सशक्त बनाने के लिए अगली पीढ़ी के टेक्नोलॉजी साझेदारी का निर्माण किया।

विशेषज्ञ की दृष्टि

भारत-फ्रांस की गहरी टेक्नोलॉजी साझेदारी ने उड़ान भर दी

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआइटी) में अनुसंधान निदेशक डॉ. रोहन थापर का मानना है कि यह साझेदारी हमारे जीवन और काम को बदलने का सपना पूरा कर सकती है। "फ्रांस और भारत की विशेषज्ञता का संगम जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और क्वांटम कंप्यूटिंग में होगा, जिससे स्वास्थ्य, फाइनेंस और एनर्जी जैसे उद्योगों में ब्रेकथ्रू होंगे," वह कहते हैं।

फ्रान्स और भारत के बीच नेक-जेन टेक अलायंस में सुरक्षा चिंताएं

फ्रान्स की यूनिवर्सिटी ऑफ पेरिस में साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट डॉ. नलिनी रáo का कहना है, "यह अलायंस बहुत पोटेंशियल रखता है, लेकिन हमें विदेशी टेक्नोलॉजी और एक्सपेर्टीज पर निर्भर रहने के जोखिम भी सोचने चाहिए। भारत की सुरक्षा चिंताएं हमें ध्यान में रखनी चाहिए, खासकर जब पड़ोसी देशों के साथ तनाव बढ़ रहे हैं," वह आगाह करती हैं।

फ्रेंच और भारत की नेक-जेन टेक एलायंस का सफल होना इनोवेशन और सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने पर निर्भर करेगा। भारत और फ्रेंच की गहरे टेक विशेषज्ञता को एकीकृत करके, हम नई संभावनाएं खोल सकते हैं और прогресс प्रेरित कर सकते हैं।

क्या आगे आता है

Hindi:

फ्रान्स और भारत के नेकजेन टेक्नोलॉजी साझेदारी का गति लाभ

भारत और फ्रान्स के शोधकर्ता अगले तिमाही में एक श्रृंखला के लिए मिलकर काम करेंगे, जिसमें एआई-पावर्ड हेल्थकेयर सॉल्यूशंस विकसित करने पर焦स.

इस साल के अंत में, दोनों देश Quantum Computing पर एकระหว่างประเทศ सम्मेलन का आयोजन करेंगे, जिसमें पूरी दुनिया से विशेषज्ञ एक साथ आओंगे और ज्ञान और सर्वश्रेष्ठ पрак्टिस शेयर करेंगे.

फ्रांस और भारत नेक्स-जेन टेक एलायंस का विकास ग्लोबल में

भविष्य के माहीनों में, हमें Expect करना होगा कि दोनों देशों में संयुक्त अनुसंधान पहल और नए नवाचार केंद्रों की स्थापना में अधिक निवेश देखना होगा. भारत सरकार ने अब तक की योजना जारी कर दी है कि वह अगले दो वर्षों में $1 बिलियन की राशि डीप-टेक स्टार्टअप्स में निवेश करेगी, जिसमें फ्रांसीसी विशेषज्ञता का उपयोग करने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए एक महत्वपूर्ण हिस्सा आवंटित किया गया है.

भारत-फ्रान्स की नेक टेक्नोलॉजी साझेदारी ने हमारे जीवन, काम और संवाद को पूरी तरह बदल दिया - आगे आने वाले रोमांचक घटनाक्रम के लिए तैयार रहें

भारत और फ्रान्स अपने स्थान को ग्लोबल इनोवेशन के मुकाबले में ले जाने के लिए तैयार हैं, प्रगति को चलाने और टेक्नोलॉजी के भविष्य को आकार देने के लिए