फोर्चुन इंडिया स्टार्टअप सम्मेलन के शुरू होने पर एक पुकार नामक स्किल गैप को पाटने की जरूरत ने हॉल्स में गूँजा।

आप सभी टेक्नोलॉजी रख सकते हैं, लेकिन यदि लोग स्किल नहीं रखते, तो वह बेकार है, एमएसफीट इंडिया के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट राजीव कुमार ने उजागर करते हुए, अपस्किलिंग और रीस्किलिंग की आवश्यकता को हाइलाइट किया। यह महत्वपूर्ण मुद्दा दुनिया भर में लाखों प्रोफेशनल्स को प्रभावित करता है, जिसके परिणाम सबसे अधिक उभर कर रहे हैं इमर्जिंग मार्केट्स जैसे भारत में।

क्या हुआ

भारत में स्टार्टअपों की एक recent रिपोर्ट के अनुसार, स्किल्ड प्रोफेशनल्स पात्रों को खोजने में 65% से अधिक स्टार्टअप लड़ते हैं, जिससे महत्वपूर्ण देरी और बढ़े लागत होती हैं। कुमार ने इशारा किया कि जबकि प्रौद्योगिकी विश्वास की गति से आगे बढ़ रही है, अंतिम रूप से इसको काम करने में लोग हैं। "आप सभी प्रौद्योगिकी के साथ हैं, लेकिन यदि आप सही कौशल नहीं हैं, तो यह बस एक बUNCH ऑफ जड़ाजेट्स है, जिसे आप xung quanh रख सकते हैं," उसने बल दिया।

क्यों यह मायने रखता है

तकनीक की तेज़ी से बदलने वाली प्रकृति जैसे AI और मशीन लर्निंग ने ऐसे बदलाव की आवश्यकता कर दी, जिनके लिए स्थायी अपस्किलिंग करनी पड़ती है ताकि प्रासंगिक रह सकें। माइक्रोसॉफ्ट द्वारा हाल ही में किए गए एक सर्वेक्षण ने पाया कि भारतीय पेशवरों में से 83% लोग अगले पांच वर्षों में कुछ नौकरियों को बदलने की उम्मीद करते हैं, लेकिन केवल 44% लोग इन बदलावों के लिए तैयार महसूस करते हैं।

भावुक परिणाम हैं

जिन्हें साधारण लोग महसूस कर रहे हैं। कुमार ने कहा, " अगर हम विशेषज्ञ श्रमिक नहीं हैं, तो सिर्फ स्टार्टअप ही प्रभावित होते हैं, बल्कि पूरा इकोसिस्टम भी।" स्पंदन का प्रभाव देखा जा सकता है, जिसमें उत्पादन में कमी, लागत में वृद्धि और अंततः आर्थिक वृद्धि में गिरावट आती है।

फोर्चुन इंडिया स्टार्टअप सम्मेलन

डॉ. राकेश शर्मा, आईआईएम बेंगलुरु के निदेशक ने, ये शब्द दोहराये, "स्किल गैप सिर्फ स्टार्टअप की समस्या नहीं है, बल्कि एक राष्ट्रीय मुद्दा है जिसकी तत्काल संवेदना आवश्यक है. हमें शिक्षा और प्रशिक्षण के कार्यक्रमों में निवेश करना चाहिए जो उद्योगों के विकसित होने की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं." फोर्चुन इंडिया स्टार्टअप सम्मेलन स्किल गैप को पाटने के तरीके खोजने जारी है, लेकिन एक बात स्पष्ट है – स्टेक्स उच्च हैं, और घड़ी टिकाने लग गई है.

विशेषज्ञ की दृष्टि

कार्यक्रम ने टेक्नोलॉजी उद्योग में अपस्किलिंग और रेसकिलिंग की तत्काल आवश्यकता को उजागर किया, जिसमें स्किल्ड प्रोफेशनल्स के बिना तकनीक ही पर्याप्त नहीं है। माइक्रोसॉफ्ट के राजीव कुमार ने जोर देकर कहा, "आप सभी टेक्नोलॉजी ले सकते हैं, लेकिन यदि लोग स्किल्ड नहीं हैं, तो वह बेकार है"

फोर्चुन इंडिया स्टार्टअप सम्मेलन ने टेक्नोलॉजी उद्योग में कौशल की खाई की важता हाइलाइट की।

कुछ विशेषज्ञों ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि अन्य ने सॉल्यूशंस में जल्दबाज़ी की चेतावनी दी。

English:

The Fortune India Startup Summit highlighted the importance of bridging the skill gap in the tech industry. Some experts emphasized the need for immediate action, while others warned against rushing into solutions.

फोर्च्यून इंडिया स्टार्टअप समिट

उपस्किलिंग और रीसकिलिंग अब एक चाहिए नहीं बल्कि आवश्यक है, मैक्किन्सी एंड कंपनी के प्रबंध निदेशक रमेश पई ने कहा। "तकनीकी परिवर्तन की गति सिर्फ तेज होगी, और उन कंपनियों को नहीं सम्मिलित होगा जिनका अनुकूलन नहीं होगा।"

फोर्चुन इंडिया स्टार्टअप सम्मेलन में

हालांकि, सभी लोग एक ही राय नहीं रखते कि समाधान सिर्फ कर्मचारी की प्रशिक्षण में निहित है। "हमें इस मुद्दे को ओवरसिम्प्लीफाई करने से बचना चाहिए," रोहन वर्मा, क्रेडमार्क के सीईओ ने आग्रह किया। "जबकि प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है, हमें broader structural issues जैसे शिक्षा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता में कमी और अवसरों की कमी को भी नहीं忽ह कर सकते।"

: कार्यक्रम ने टेक इंडस्ट्री में अप्सकिलिंग और रेस्किलिंग की आवश्यकता पर चर्चा करने के लिए उद्योग विशेषज्ञों को एक साथ लाया।

क्या अगला है

फोर्च्यून इंडिया स्टार्टअप सम्मेलन ने स्किल गैप को दूर करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए आने वाले सप्ताहों और महीनों में कई महत्वपूर्ण घटनाएं अपेक्षित हैं।

क्षितिज में

माइक्रोसॉफ्ट ने संक्षेप में भारतीय पेशवरों के लिए एक शृंखला की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य उन्हें अपस्किलिंग करना है। कंपनी अपने कर्मचारियों के विकास योजनाओं में भी गंभीर रूप से निवेश कर रही है, पेशवरों के कौशल की खाई को दो-तरफ़ा सड़क समझते हुए।

भाविष्ठ भविष्यत्

जिसके अनुसार, सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) २०२० देश की शिक्षा परिदृश्य में महत्वपूर्ण प्रभाव डालने की उम्मीद है। जबकि एनईपी को एक बड़ा कदम माना गया है, कई विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पूरे प्रभाव को महसूस करने में कई वर्ष लग जाएंगे।

फोर्चून इंडिया स्टार्टअप सम्मेलन: यू

यह इवेंट ने कहा कि कौशल की खाई भरने के लिए तत्काल कार्रवाई और एक समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता है जिसमें दोनों अल्पकालिक और 長कालिक समाधान शामिल हैं।

भागीदारी की Skills का Fenomena

फोर्चून इंडिया स्टार्टअप सम्मेलन ने स्पष्ट कर दिया कि स्किल्स का फसद होना अब एक दूर की चिंत नहीं बल्कि एक तात्कालिक प्राथमिकता है भारतीय व्यवसायों और नीतिज्ञों के लिए। हम आगे देख रहे हैं, तो स्पष्ट है कि यह मुद्दा केवल भविष्य में महत्वपूर्ण होगा, जिसके परिणामस्वरूप हमारी अर्थव्यवस्था और समाज के लिए व्यापक प्रभाव पड़ेगे।

फोर्चुन इंडिया स्टार्टअप सम्मेलन ने हमें यह दिखाया है कि हमें नहीं करना चाहिए – हमें तुरंत कार्य करना होगा यदि हम वैश्विक बाज़ार में प्रतिस्पर्धी रहना चाहते हैं

हमें स्किल्ड और रेस्किल कर्मचारियों को अपसक्सिल करना होगा

और माइक्रोसॉफ्ट के रजीव कुमार ने इसका स्पष्ट रूप से कहा, "आप सभी टेक्नोलॉजी ले सकते हैं, लेकिन यदि लोग स्किल्ड नहीं हैं, तो यह बेकार है"